
पुणे.एमआयटी आर्ट, डिजाईन आणि टेक्नॉलॉजी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग (एमआयटी एसओसी) के छात्रों ने प्रतिष्ठित हॉरीझॉन एआई हैकाथॉन में शानदार उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका स्थित मियामी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में टीम ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट “सिकल सेल डिटेक्टर” के लिए तीसरा स्थान प्राप्त किया और $1,000 की पुरस्कार राशि जीती।
“सिकल सेल डिटेक्टर” एक उन्नत एआई-आधारित समाधान है, जिसे सिकल सेल रोग के शीघ्र और सटीक निदान के लिए विकसित किया गया है। यह तकनीक विशेष रूप से दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी को पूरा करने में मदद करेगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से, यह परियोजना तेजी से निदान और बेहतर उपचार परिणामों को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के पीछे मधुर पाटिल, अनुराग अहिरराव, अर्णव बुले, निधि फोपळिये ये छात्रों की कड़ी मेहनत और समर्पण रहा। टीम का मार्गदर्शन डॉ. रंजन काले द्वारा किया गया, जिनके नेतृत्व में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता का बेहतरीन प्रदर्शन किया और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धियों के बीच अपनी पहचान बनाई।
यह उपलब्धि एमआयटी एडीटी यूनिवर्सिटी में नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। छात्रों की यह सफलता उनकी मेहनत, दृढ़ संकल्प और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रमाण है। विश्वविद्यालय विजेता टीम को हार्दिक बधाई देता है और भविष्य में भी इसी तरह की उत्कृष्ट उपलब्धियों की आशा करता है, ऐसी भावना विश्वविद्यालय के कार्याध्यक्ष प्रा.डाॅ.मंगेश कराड ने व्यक्त की है।